FY 2026-27 (टैक्स ईयर 2026-27)

CTC से इन-हैंड सैलरी कैलकुलेटर

जॉब ऑफ़र में लिखा CTC हाथ में आने वाली सैलरी नहीं होता। यहां देखें कि हर महीने असल में कितना पैसा आपके खाते में आएगा।

₹
और विकल्प
वित्त वर्ष

आमतौर पर CTC का 35–50%।

₹

महाराष्ट्र: Men: up to ₹7,500 nil; ₹7,501–₹10,000 ₹175/month; above ₹10,000 ₹2,500/year (₹200/month, ₹300 in February) · Women: up to ₹25,000 nil; above ₹25,000 ₹2,500/year

आपकी इन-हैंड सैलरी

हाथ में: ₹88,268/महीना

इनकम टैक्स: ₹0/साल (नई व्यवस्था)

पूरी गणना देखेंहर कदम, उसका नियम और आधिकारिक स्रोत

1. CTC से ग्रॉस सैलरी

  1. सालाना CTC₹12,00,000
  2. एम्प्लॉयर PF योगदान₹57,600

    बेसिक सैलरी का 12%; यह आपके EPF खाते में जाता है, सैलरी में नहीं · EPFO

  3. ग्रेच्युटी (CTC का हिस्सा)₹23,088

    बेसिक का 4.81%, कम से कम पांच साल की सेवा के बाद नौकरी छोड़ने पर मिलती है

  4. ग्रॉस सैलरी₹11,19,312

2. टैक्सेबल आय

  1. ग्रॉस आय₹11,19,312
  2. स्टैंडर्ड डिडक्शन₹75,000

    धारा 19 (पहले 16(ia)): नई व्यवस्था में ₹75,000 · आयकर विभाग

  3. टैक्सेबल आय₹10,44,312

3. इनकम टैक्स

  1. स्लैब पर टैक्स₹44,431
    ₹0–4L @ 0%₹0
    ₹4L–8L @ 5%₹4,00,000 × 5% = ₹20,000
    ₹8L–12L @ 10%₹2,44,312 × 10% = ₹24,431

    धारा 202 (पहले 115BAC): नई व्यवस्था की स्लैब दरें · आयकर विभाग

  2. रिबेट₹44,431

    धारा 156 (पहले 87A): टैक्सेबल आय ₹12,00,000 या कम होने पर ₹60,000 तक की छूट · आयकर विभाग

  3. रिबेट के बाद टैक्स₹0
  4. हेल्थ और एजुकेशन सेस₹0

    इनकम टैक्स का 4% · आयकर विभाग: टैक्स दरें

  5. कुल इनकम टैक्स₹0

4. इन-हैंड सैलरी

  1. ग्रॉस सैलरी₹11,19,312
  2. कर्मचारी PF योगदान₹57,600

    बेसिक सैलरी का 12% · EPFO

  3. प्रोफ़ेशनल टैक्स₹2,500

    राज्य का रोज़गार कर, साल में अधिकतम ₹2,500 · राज्यवार प्रोफ़ेशनल टैक्स

  4. इन-हैंड सैलरी (साल)₹10,59,212
  5. हर महीने इन-हैंड₹88,268

हर लाइन दिखाने के लिए राउंड की गई है, इसलिए लाइनों के जोड़ और कुल में 1 का फ़र्क हो सकता है।

अगर ऐसा हो तो…स्लाइडर हिलाकर देखें कि टैक्स कैसे बदलता है

एम्प्लॉयर NPS में पैसा डाले तो?

इन आंकड़ों पर टैक्स में कोई बदलाव नहीं।

धारा 124 (पहले 80CCD(2)): नई व्यवस्था में बेसिक के 14% तक कटौती योग्य। यह रकम सैलरी से आपके NPS खाते में जाती है।

पूरा ब्योरातालिकाएं, चार्ट और टैक्स बचत के सुझाव

टैक्स बचत के स्मार्ट सुझाव

FY 2026-27 (टैक्स ईयर 2026-27) के लिए आपके आंकड़ों से निकाले गए।

  • नई व्यवस्था में हर साल ₹1,20,654 कम टैक्स

    यानी पुरानी व्यवस्था के मुकाबले हर महीने ₹10,055 ज़्यादा हाथ में (₹0 बनाम ₹1,20,654 टैक्स)।

  • NPS से ₹11,618 बचेंगे, पर सिर्फ़ पुरानी व्यवस्था में

    धारा 124 (पहले 80CCD(1B)) के तहत ₹50,000 निवेश करने पर पुरानी व्यवस्था का टैक्स ₹1,09,036 रह जाता है, फिर भी नई व्यवस्था (₹0) सस्ती है, और उसमें यह कटौती नहीं मिलती।

  • धारा 123 (पहले 80C) में ₹92,400 की गुंजाइश बाकी है

    इसे भरने पर (PPF, ELSS, जीवन बीमा, बच्चों की ट्यूशन फ़ीस) पुरानी व्यवस्था का टैक्स ₹20,437 कम हो जाएगा, हालांकि नई व्यवस्था फिर भी सस्ती रहेगी।

  • बराबरी के लिए पुरानी व्यवस्था में ₹5,11,800 और कटौतियां चाहिए

    आपकी अतिरिक्त धारा 123 (पहले 80C), धारा 126 (पहले 80D), NPS, HRA या होम लोन कटौतियां इससे ज़्यादा हों, तभी पुरानी व्यवस्था फ़ायदेमंद है।

  • एम्प्लॉयर NPS (धारा 124 (पहले 80CCD(2))) के बारे में पूछें

    एम्प्लॉयर का NPS योगदान बेसिक सैलरी के 14% तक नई व्यवस्था में भी कटौती योग्य है, और इसे आपके CTC के अंदर ही रीस्ट्रक्चर किया जा सकता है।

वेतनभोगी लोगों के लिए अनुमान, सिर्फ़ ऊपर दर्ज कटौतियों के आधार पर। यह निवेश सलाह नहीं है।

आपकी ग्रॉस सैलरी कहां जाती है

सालाना ग्रॉस सैलरी, इन-हैंड और कटौतियों में बंटी हुई।

94.6%इन-हैंड सैलरी
  • कुल₹11,19,312

CTC का ब्योरा

आपका सालाना CTC कैसे बना है।

बेसिक सैलरी₹4,80,000
HRA₹1,92,000
स्पेशल अलाउंस₹4,47,312
बोनस / वेरिएबल पे₹0
एम्प्लॉयर PF योगदान₹57,600
ग्रेच्युटी₹23,088

ग्रॉस सैलरी (टैक्सेबल)

₹11,19,312

कटौतियां

हर बार ग्रॉस सैलरी से काटी जाती हैं।

कर्मचारी PF योगदान₹57,600
प्रोफ़ेशनल टैक्स₹2,500
इनकम टैक्स (नई व्यवस्था, TDS)₹0

कुल कटौतियां

₹60,100

हिस्सामासिकसालाना
CTC₹1,00,000₹12,00,000
ग्रॉस सैलरी₹93,276₹11,19,312
कुल कटौतियां₹5,008₹60,100
इन-हैंड सैलरी₹88,268₹10,59,212

CTC और इन-हैंड सैलरी में फ़र्क

CTC यानी कॉस्ट टू कंपनी वह कुल रकम है जो कंपनी साल भर में आप पर खर्च करती है। इसमें एम्प्लॉयर का PF (बेसिक का 12%) और ग्रेच्युटी (बेसिक का लगभग 4.81%) भी शामिल होते हैं, जो हर महीने की सैलरी में नहीं आते।

ग्रॉस सैलरी में से कर्मचारी PF (बेसिक का 12%), राज्य का प्रोफ़ेशनल टैक्स (साल में अधिकतम ₹2,500) और इनकम टैक्स यानी TDS कटता है। TDS अब धारा 392 (पहले 192) के तहत कटता है। जो बचता है, वही आपकी इन-हैंड सैलरी है।

नई व्यवस्था में ₹12 लाख तक की टैक्सेबल आय पर टैक्स शून्य है। पुरानी व्यवस्था चुनें तो HRA, 80C और 80D जैसी कटौतियां भी डालें। राज्यवार प्रोफ़ेशनल टैक्स की दरें यहां देखें (अंग्रेज़ी में)।

दो जॉब ऑफ़र की तुलना के लिए जॉब ऑफ़र तुलना कैलकुलेटर और किराए की छूट के लिए HRA छूट कैलकुलेटर इस्तेमाल करें।

सवाल-जवाब

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

₹12 लाख CTC पर इन-हैंड सैलरी कितनी होगी?

बेसिक 40%, पूरी बेसिक पर PF, CTC में ग्रेच्युटी और ₹2,500 प्रोफ़ेशनल टैक्स मानें तो नई व्यवस्था में लगभग ₹88,268 हर महीने। इनकम टैक्स शून्य रहता है, क्योंकि टैक्सेबल आय ₹12 लाख से कम है।

CTC और इन-हैंड सैलरी में फ़र्क क्यों होता है?

CTC में एम्प्लॉयर PF और ग्रेच्युटी शामिल होते हैं, जो सैलरी के रूप में नहीं मिलते। फिर ग्रॉस सैलरी से कर्मचारी PF, प्रोफ़ेशनल टैक्स और TDS कटते हैं।

PF कितना कटता है?

कर्मचारी और एम्प्लॉयर दोनों बेसिक का 12% PF में डालते हैं। कई कंपनियां इसे ₹15,000 महीने की बेसिक तक सीमित रखती हैं, यानी ₹1,800 महीना।

प्रोफ़ेशनल टैक्स कितना लगता है?

यह राज्य पर निर्भर है और साल में अधिकतम ₹2,500 है। जैसे महाराष्ट्र और कर्नाटक में ₹2,500 और गुजरात व तेलंगाना में ₹2,400 सालाना (तय सैलरी सीमा से ऊपर)।

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