HRA छूट कैलकुलेटर
किराए के घर में रहते हैं? देखें कि पुरानी टैक्स व्यवस्था में आपके HRA का कितना हिस्सा टैक्स-फ़्री होगा।
और विकल्पटैक्स वर्ष, कटौतियां और बाकी सेटिंग (सामान्य डिफ़ॉल्ट पहले से लगे हैं)
सिर्फ़ वह DA जो रिटायरमेंट लाभों में गिना जाता है। DA नहीं मिलता (ज़्यादातर प्राइवेट नौकरियों में) तो 0 रहने दें।
आपका टैक्स-फ़्री HRA
टैक्स-फ़्री HRA: ₹1,68,000/साल
₹14,000/महीना · सीमा: किराया − (बेसिक + DA) का 10%
पूरी गणना देखेंहर कदम, उसका नियम और आधिकारिक स्रोत
1. तीन सीमाएं
- HRA के लिए सैलरी = बेसिक₹4,80,000
- 1. असल में मिला HRA₹2,40,000
- 2. चुकाया गया किराया (₹2,16,000) − सैलरी का 10% (₹48,000)₹1,68,000
- 3. सैलरी का 50% (सूचीबद्ध शहर: दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे, अहमदाबाद)₹2,40,000
- छूट = तीनों में सबसे कम₹1,68,000
HRA छूट (पहले धारा 10(13A)) · आयकर विभाग: HRA
2. छूट वाला और टैक्सेबल HRA
- मिला HRA₹2,40,000
- टैक्सेबल HRA (सैलरी में जुड़ता है)₹72,000
- छूट वाला HRA (सिर्फ़ पुरानी व्यवस्था)₹1,68,000
HRA छूट (पहले धारा 10(13A)); नई व्यवस्था में उपलब्ध नहीं · आयकर विभाग: HRA
हर लाइन दिखाने के लिए राउंड की गई है, इसलिए लाइनों के जोड़ और कुल में 1 का फ़र्क हो सकता है।
अगर ऐसा हो तो…स्लाइडर हिलाकर देखें कि टैक्स कैसे बदलता है
किराया बदले तो?
इन आंकड़ों पर टैक्स-फ़्री HRA में कोई बदलाव नहीं।
HRA छूट (पहले धारा 10(13A)): सिर्फ़ पुरानी व्यवस्था में।
पूरा ब्योरातालिकाएं, चार्ट और टैक्स बचत के सुझाव
आपके HRA का कितना हिस्सा टैक्स-फ़्री है
मासिक मिला HRA, छूट वाले और टैक्सेबल हिस्से में बंटा हुआ।
- कुल₹20,000
छूट = इन तीनों में सबसे कम
| मिला HRA | ₹20,000 |
| छूट वाला HRA | ₹14,000 |
| टैक्सेबल HRA (सैलरी आय में जुड़ता है) | ₹6,000 |
HRA छूट कैसे तय होती है
HRA छूट तीन रकमों में से सबसे कम होती है: (1) असल में मिला HRA, (2) चुकाया गया किराया घटा बेसिक + DA का 10%, और (3) सूचीबद्ध शहरों में बेसिक + DA का 50%, बाकी जगह 40%।
FY 2026-27 से इनकम-टैक्स रूल्स, 2026 ने 50% वाली सूची में बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद को जोड़ा है। पहले यह सिर्फ़ दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई के लिए था।
HRA छूट सिर्फ़ पुरानी व्यवस्था में मिलती है। नई व्यवस्था में पूरा HRA टैक्सेबल है।
उदाहरण: पुणे में बेसिक ₹6,00,000, HRA ₹3,00,000 और किराया ₹4,20,000 सालाना हो तो छूट ₹2,40,000 से बढ़कर ₹3,00,000 हो जाती है, क्योंकि अब 50% की सीमा लगती है। पूरी गणना के लिए नई बनाम पुरानी व्यवस्था कैलकुलेटर में HRA छूट डालकर दोनों व्यवस्थाएं मिलाएं।
सवाल-जवाब
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या नई टैक्स व्यवस्था में HRA छूट मिलती है?
नहीं। HRA छूट सिर्फ़ पुरानी व्यवस्था में मिलती है। नई व्यवस्था में पूरा HRA आपकी टैक्सेबल सैलरी में जुड़ता है।
किन शहरों में 50% HRA सीमा है?
FY 2026-27 से आठ शहर: दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद। बाकी सभी शहरों में सीमा 40% है।
HRA छूट के लिए 'सैलरी' का मतलब क्या है?
बेसिक सैलरी और वह महंगाई भत्ता (DA) जो रिटायरमेंट लाभों में गिना जाता है। ग्रॉस सैलरी या CTC नहीं।
किराया कम हो तो क्या शहर बदलने से फ़र्क पड़ता है?
अक्सर नहीं। अगर 'किराया घटा सैलरी का 10%' वाली रकम सबसे कम है, तो वही छूट तय करती है। जैसे बेसिक ₹6,00,000 और किराया ₹3,00,000 पर छूट ₹2,40,000 ही रहती है, चाहे शहर 40% वाला हो या 50% वाला।
और हिसाब लगाएं
दूसरे कैलकुलेटर
पुरानी बनाम नई टैक्स व्यवस्था कैलकुलेटर
FY 2026-27 के लिए पुरानी और नई टैक्स व्यवस्था में अपना टैक्स मिलाएं और देखें किसमें कम टैक्स लगता है।
खोलेंसैलरी कैलकुलेटर (CTC से इन-हैंड)
अपने CTC से PF, प्रोफ़ेशनल टैक्स और इनकम टैक्स कटने के बाद हर महीने की इन-हैंड सैलरी निकालें।
खोलेंकैपिटल गेन और F&O टैक्स कैलकुलेटर
शेयर और म्यूचुअल फ़ंड पर STCG/LTCG, डेट, सोना या प्रॉपर्टी के गेन, इंट्राडे और F&O आय पर टैक्स का अनुमान।
खोलेंजॉब ऑफ़र तुलना कैलकुलेटर
दो जॉब ऑफ़र साथ रखकर देखें कि किसमें हर महीने ज़्यादा इन-हैंड सैलरी आएगी।
खोलें