जॉब ऑफ़र तुलना कैलकुलेटर
ज़्यादा CTC का मतलब हमेशा ज़्यादा इन-हैंड नहीं। दोनों ऑफ़र एक ही टैक्स नियमों से जांचें।
सालाना CTC
और विकल्पटैक्स वर्ष, कटौतियां और बाकी सेटिंग (सामान्य डिफ़ॉल्ट पहले से लगे हैं)
किस व्यवस्था में तुलना करें:
ऑफ़र A
ऑफ़र B
ऑफ़र B में ज़्यादा इन-हैंड
ऑफ़र B: हर महीने +₹10,750 हाथ में
हाथ में: ऑफ़र A ₹88,276/महीना · ऑफ़र B ₹99,026/महीना
पूरी गणना देखें: ऑफ़र Aहर कदम, उसका नियम और आधिकारिक स्रोत
1. CTC से ग्रॉस सैलरी
- सालाना CTC₹12,00,000
- एम्प्लॉयर PF योगदान₹57,600
बेसिक सैलरी का 12%; यह आपके EPF खाते में जाता है, सैलरी में नहीं · EPFO
- ग्रेच्युटी (CTC का हिस्सा)₹23,088
बेसिक का 4.81%, कम से कम पांच साल की सेवा के बाद नौकरी छोड़ने पर मिलती है
- ग्रॉस सैलरी₹11,19,312
2. टैक्सेबल आय
- ग्रॉस आय₹11,19,312
- स्टैंडर्ड डिडक्शन₹75,000
धारा 19 (पहले 16(ia)): नई व्यवस्था में ₹75,000 · आयकर विभाग
- टैक्सेबल आय₹10,44,312
3. इनकम टैक्स
- स्लैब पर टैक्स₹44,431
₹0–4L @ 0% ₹0 ₹4L–8L @ 5% ₹4,00,000 × 5% = ₹20,000 ₹8L–12L @ 10% ₹2,44,312 × 10% = ₹24,431 धारा 202 (पहले 115BAC): नई व्यवस्था की स्लैब दरें · आयकर विभाग
- रिबेट₹44,431
धारा 156 (पहले 87A): टैक्सेबल आय ₹12,00,000 या कम होने पर ₹60,000 तक की छूट · आयकर विभाग
- रिबेट के बाद टैक्स₹0
- हेल्थ और एजुकेशन सेस₹0
इनकम टैक्स का 4% · आयकर विभाग: टैक्स दरें
- कुल इनकम टैक्स₹0
4. इन-हैंड सैलरी
- ग्रॉस सैलरी₹11,19,312
- कर्मचारी PF योगदान₹57,600
बेसिक सैलरी का 12% · EPFO
- प्रोफ़ेशनल टैक्स₹2,400
राज्य का रोज़गार कर, साल में अधिकतम ₹2,500 · राज्यवार प्रोफ़ेशनल टैक्स
- इन-हैंड सैलरी (साल)₹10,59,312
- हर महीने इन-हैंड₹88,276
हर लाइन दिखाने के लिए राउंड की गई है, इसलिए लाइनों के जोड़ और कुल में 1 का फ़र्क हो सकता है।
पूरी गणना देखें: ऑफ़र Bहर कदम, उसका नियम और आधिकारिक स्रोत
1. CTC से ग्रॉस सैलरी
- सालाना CTC₹14,00,000
- एम्प्लॉयर PF योगदान₹84,000
बेसिक सैलरी का 12%; यह आपके EPF खाते में जाता है, सैलरी में नहीं · EPFO
- ग्रेच्युटी (CTC का हिस्सा)₹33,670
बेसिक का 4.81%, कम से कम पांच साल की सेवा के बाद नौकरी छोड़ने पर मिलती है
- ग्रॉस सैलरी₹12,82,330
2. टैक्सेबल आय
- ग्रॉस आय₹12,82,330
- स्टैंडर्ड डिडक्शन₹75,000
धारा 19 (पहले 16(ia)): नई व्यवस्था में ₹75,000 · आयकर विभाग
- टैक्सेबल आय₹12,07,330
3. इनकम टैक्स
- स्लैब पर टैक्स₹61,100
₹0–4L @ 0% ₹0 ₹4L–8L @ 5% ₹4,00,000 × 5% = ₹20,000 ₹8L–12L @ 10% ₹4,00,000 × 10% = ₹40,000 ₹12L–16L @ 15% ₹7,330 × 15% = ₹1,100 धारा 202 (पहले 115BAC): नई व्यवस्था की स्लैब दरें · आयकर विभाग
- मार्जिनल रिलीफ₹53,770
धारा 156 (पहले 87A): टैक्स ₹12,00,000 से ऊपर की आय (₹7,330) तक सीमित · आयकर विभाग
- रिबेट के बाद टैक्स₹7,330
- हेल्थ और एजुकेशन सेस₹293
इनकम टैक्स का 4% · आयकर विभाग: टैक्स दरें
- कुल इनकम टैक्स₹7,623
4. इन-हैंड सैलरी
- ग्रॉस सैलरी₹12,82,330
- कर्मचारी PF योगदान₹84,000
बेसिक सैलरी का 12% · EPFO
- प्रोफ़ेशनल टैक्स₹2,400
राज्य का रोज़गार कर, साल में अधिकतम ₹2,500 · राज्यवार प्रोफ़ेशनल टैक्स
- इनकम टैक्स (TDS)₹7,623
धारा 392 (पहले 192): आपका एम्प्लॉयर पूरे साल हर महीने काटता है
- इन-हैंड सैलरी (साल)₹11,88,307
- हर महीने इन-हैंड₹99,026
हर लाइन दिखाने के लिए राउंड की गई है, इसलिए लाइनों के जोड़ और कुल में 1 का फ़र्क हो सकता है।
पूरा ब्योरातालिकाएं, चार्ट और टैक्स बचत के सुझाव
हर साल ₹1,28,995 ज़्यादा इन-हैंड (12.2%), जबकि CTC का फ़र्क +₹2,00,000 (16.7%) है।
| सालाना | ऑफ़र A | ऑफ़र B | B − A |
|---|---|---|---|
| CTC | ₹12,00,000 | ₹14,00,000 | +₹2,00,000 |
| ग्रॉस सैलरी | ₹11,19,312 | ₹12,82,330 | +₹1,63,018 |
| इनकम टैक्स | ₹0 | ₹7,623 | +₹7,623 |
| कर्मचारी PF | ₹57,600 | ₹84,000 | +₹26,400 |
| प्रोफ़ेशनल टैक्स | ₹2,400 | ₹2,400 | — |
| इन-हैंड (सालाना) | ₹10,59,312 | ₹11,88,307 | +₹1,28,995 |
| इन-हैंड (मासिक) | ₹88,276 | ₹99,026 | +₹10,750 |
| रिटायरमेंट बचत (PF + ग्रेच्युटी) | ₹1,38,288 | ₹2,01,670 | +₹63,382 |
ऑफ़र A: CTC कहां जाता है
- कुल₹12,00,000
ऑफ़र B: CTC कहां जाता है
- कुल₹14,00,000
दो जॉब ऑफ़र की सही तुलना कैसे करें
CTC में एम्प्लॉयर PF, ग्रेच्युटी और वेरिएबल पे शामिल होते हैं, इसलिए एक जैसे CTC वाले दो ऑफ़र में हर महीने हाथ में आने वाली रकम काफ़ी अलग हो सकती है।
वेरिएबल पे का ध्यान रखें: यहां बोनस पूरा मिलने वाला माना गया है। अगर किसी ऑफ़र की बढ़त बड़े परफ़ॉर्मेंस बोनस से आ रही है, तो पक्की बढ़त कम हो सकती है।
ज़्यादा बेसिक का मतलब ज़्यादा PF और ग्रेच्युटी: आज हाथ में थोड़ा कम, लेकिन रिटायरमेंट के लिए ज़्यादा बचत।
अपनी कटौतियों के साथ किसी एक ऑफ़र का हिसाब CTC से इन-हैंड सैलरी कैलकुलेटर में लगाएं।
सवाल-जवाब
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
ज़्यादा CTC वाले ऑफ़र में इन-हैंड कम क्यों हो सकता है?
अगर उस ऑफ़र में बेसिक ज़्यादा है तो PF और ग्रेच्युटी ज़्यादा कटते हैं, और अगर बढ़त वेरिएबल पे से है तो वह पक्की नहीं होती। इसलिए हर महीने की इन-हैंड सैलरी से तुलना करें, CTC से नहीं।
क्या वेरिएबल पे इन-हैंड में गिना गया है?
हां, यहां बोनस को पूरा मिलने वाला मानकर गिना गया है। अगर बोनस परफ़ॉर्मेंस पर निर्भर है, तो उसे घटाकर भी देख लें।
PF और ग्रेच्युटी को कैसे देखें?
ये असली पैसा है, लेकिन अभी हाथ में नहीं आता। तालिका की 'रिटायरमेंट बचत' वाली पंक्ति में दोनों ऑफ़र के PF और ग्रेच्युटी अलग से दिखाए गए हैं।
और हिसाब लगाएं
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