FY 2026-27 (टैक्स ईयर 2026-27)

जॉब ऑफ़र तुलना कैलकुलेटर

ज़्यादा CTC का मतलब हमेशा ज़्यादा इन-हैंड नहीं। दोनों ऑफ़र एक ही टैक्स नियमों से जांचें।

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सालाना CTC

और विकल्प
वित्त वर्ष

किस व्यवस्था में तुलना करें:

ऑफ़र A

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ऑफ़र B

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ऑफ़र B में ज़्यादा इन-हैंड

ऑफ़र B: हर महीने +₹10,750 हाथ में

हाथ में: ऑफ़र A ₹88,276/महीना · ऑफ़र B ₹99,026/महीना

पूरी गणना देखें: ऑफ़र Aहर कदम, उसका नियम और आधिकारिक स्रोत

1. CTC से ग्रॉस सैलरी

  1. सालाना CTC₹12,00,000
  2. एम्प्लॉयर PF योगदान₹57,600

    बेसिक सैलरी का 12%; यह आपके EPF खाते में जाता है, सैलरी में नहीं · EPFO

  3. ग्रेच्युटी (CTC का हिस्सा)₹23,088

    बेसिक का 4.81%, कम से कम पांच साल की सेवा के बाद नौकरी छोड़ने पर मिलती है

  4. ग्रॉस सैलरी₹11,19,312

2. टैक्सेबल आय

  1. ग्रॉस आय₹11,19,312
  2. स्टैंडर्ड डिडक्शन₹75,000

    धारा 19 (पहले 16(ia)): नई व्यवस्था में ₹75,000 · आयकर विभाग

  3. टैक्सेबल आय₹10,44,312

3. इनकम टैक्स

  1. स्लैब पर टैक्स₹44,431
    ₹0–4L @ 0%₹0
    ₹4L–8L @ 5%₹4,00,000 × 5% = ₹20,000
    ₹8L–12L @ 10%₹2,44,312 × 10% = ₹24,431

    धारा 202 (पहले 115BAC): नई व्यवस्था की स्लैब दरें · आयकर विभाग

  2. रिबेट₹44,431

    धारा 156 (पहले 87A): टैक्सेबल आय ₹12,00,000 या कम होने पर ₹60,000 तक की छूट · आयकर विभाग

  3. रिबेट के बाद टैक्स₹0
  4. हेल्थ और एजुकेशन सेस₹0

    इनकम टैक्स का 4% · आयकर विभाग: टैक्स दरें

  5. कुल इनकम टैक्स₹0

4. इन-हैंड सैलरी

  1. ग्रॉस सैलरी₹11,19,312
  2. कर्मचारी PF योगदान₹57,600

    बेसिक सैलरी का 12% · EPFO

  3. प्रोफ़ेशनल टैक्स₹2,400

    राज्य का रोज़गार कर, साल में अधिकतम ₹2,500 · राज्यवार प्रोफ़ेशनल टैक्स

  4. इन-हैंड सैलरी (साल)₹10,59,312
  5. हर महीने इन-हैंड₹88,276

हर लाइन दिखाने के लिए राउंड की गई है, इसलिए लाइनों के जोड़ और कुल में 1 का फ़र्क हो सकता है।

पूरी गणना देखें: ऑफ़र Bहर कदम, उसका नियम और आधिकारिक स्रोत

1. CTC से ग्रॉस सैलरी

  1. सालाना CTC₹14,00,000
  2. एम्प्लॉयर PF योगदान₹84,000

    बेसिक सैलरी का 12%; यह आपके EPF खाते में जाता है, सैलरी में नहीं · EPFO

  3. ग्रेच्युटी (CTC का हिस्सा)₹33,670

    बेसिक का 4.81%, कम से कम पांच साल की सेवा के बाद नौकरी छोड़ने पर मिलती है

  4. ग्रॉस सैलरी₹12,82,330

2. टैक्सेबल आय

  1. ग्रॉस आय₹12,82,330
  2. स्टैंडर्ड डिडक्शन₹75,000

    धारा 19 (पहले 16(ia)): नई व्यवस्था में ₹75,000 · आयकर विभाग

  3. टैक्सेबल आय₹12,07,330

3. इनकम टैक्स

  1. स्लैब पर टैक्स₹61,100
    ₹0–4L @ 0%₹0
    ₹4L–8L @ 5%₹4,00,000 × 5% = ₹20,000
    ₹8L–12L @ 10%₹4,00,000 × 10% = ₹40,000
    ₹12L–16L @ 15%₹7,330 × 15% = ₹1,100

    धारा 202 (पहले 115BAC): नई व्यवस्था की स्लैब दरें · आयकर विभाग

  2. मार्जिनल रिलीफ₹53,770

    धारा 156 (पहले 87A): टैक्स ₹12,00,000 से ऊपर की आय (₹7,330) तक सीमित · आयकर विभाग

  3. रिबेट के बाद टैक्स₹7,330
  4. हेल्थ और एजुकेशन सेस₹293

    इनकम टैक्स का 4% · आयकर विभाग: टैक्स दरें

  5. कुल इनकम टैक्स₹7,623

4. इन-हैंड सैलरी

  1. ग्रॉस सैलरी₹12,82,330
  2. कर्मचारी PF योगदान₹84,000

    बेसिक सैलरी का 12% · EPFO

  3. प्रोफ़ेशनल टैक्स₹2,400

    राज्य का रोज़गार कर, साल में अधिकतम ₹2,500 · राज्यवार प्रोफ़ेशनल टैक्स

  4. इनकम टैक्स (TDS)₹7,623

    धारा 392 (पहले 192): आपका एम्प्लॉयर पूरे साल हर महीने काटता है

  5. इन-हैंड सैलरी (साल)₹11,88,307
  6. हर महीने इन-हैंड₹99,026

हर लाइन दिखाने के लिए राउंड की गई है, इसलिए लाइनों के जोड़ और कुल में 1 का फ़र्क हो सकता है।

पूरा ब्योरातालिकाएं, चार्ट और टैक्स बचत के सुझाव

हर साल ₹1,28,995 ज़्यादा इन-हैंड (12.2%), जबकि CTC का फ़र्क +₹2,00,000 (16.7%) है।

सालानाऑफ़र Aऑफ़र BB − A
CTC₹12,00,000₹14,00,000+₹2,00,000
ग्रॉस सैलरी₹11,19,312₹12,82,330+₹1,63,018
इनकम टैक्स₹0₹7,623+₹7,623
कर्मचारी PF₹57,600₹84,000+₹26,400
प्रोफ़ेशनल टैक्स₹2,400₹2,400—
इन-हैंड (सालाना)₹10,59,312₹11,88,307+₹1,28,995
इन-हैंड (मासिक)₹88,276₹99,026+₹10,750
रिटायरमेंट बचत (PF + ग्रेच्युटी)₹1,38,288₹2,01,670+₹63,382

ऑफ़र A: CTC कहां जाता है

88.3%इन-हैंड सैलरी
  • कुल₹12,00,000

ऑफ़र B: CTC कहां जाता है

84.9%इन-हैंड सैलरी
  • कुल₹14,00,000

दो जॉब ऑफ़र की सही तुलना कैसे करें

CTC में एम्प्लॉयर PF, ग्रेच्युटी और वेरिएबल पे शामिल होते हैं, इसलिए एक जैसे CTC वाले दो ऑफ़र में हर महीने हाथ में आने वाली रकम काफ़ी अलग हो सकती है।

वेरिएबल पे का ध्यान रखें: यहां बोनस पूरा मिलने वाला माना गया है। अगर किसी ऑफ़र की बढ़त बड़े परफ़ॉर्मेंस बोनस से आ रही है, तो पक्की बढ़त कम हो सकती है।

ज़्यादा बेसिक का मतलब ज़्यादा PF और ग्रेच्युटी: आज हाथ में थोड़ा कम, लेकिन रिटायरमेंट के लिए ज़्यादा बचत।

अपनी कटौतियों के साथ किसी एक ऑफ़र का हिसाब CTC से इन-हैंड सैलरी कैलकुलेटर में लगाएं।

सवाल-जवाब

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

ज़्यादा CTC वाले ऑफ़र में इन-हैंड कम क्यों हो सकता है?

अगर उस ऑफ़र में बेसिक ज़्यादा है तो PF और ग्रेच्युटी ज़्यादा कटते हैं, और अगर बढ़त वेरिएबल पे से है तो वह पक्की नहीं होती। इसलिए हर महीने की इन-हैंड सैलरी से तुलना करें, CTC से नहीं।

क्या वेरिएबल पे इन-हैंड में गिना गया है?

हां, यहां बोनस को पूरा मिलने वाला मानकर गिना गया है। अगर बोनस परफ़ॉर्मेंस पर निर्भर है, तो उसे घटाकर भी देख लें।

PF और ग्रेच्युटी को कैसे देखें?

ये असली पैसा है, लेकिन अभी हाथ में नहीं आता। तालिका की 'रिटायरमेंट बचत' वाली पंक्ति में दोनों ऑफ़र के PF और ग्रेच्युटी अलग से दिखाए गए हैं।

और हिसाब लगाएं